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Showing posts from January, 2019

सापेक्ष अनुक्रमणिका में निम्नलिखित विषयों के वर्गीक निकालिये

सापेक्ष अनुक्रमणिका में निम्नलिखित विषयों के वर्गीक निकालिये आरंभ में संयुक्त विषयों को वर्गीकृत करने के लिए, किसी प्रयोक्ता को अनेक वर्गीकों के अंतर्गत देखने की आवश्यकता पड़ सकती है। किन्तु धीरे-धीरे अभ्यास के साथ, प्रथम अनुमान भी उपयोगी लगते हैं।
संयुक्त विषयों के वर्गीकरण में निम्नलिखित नियम अपनाया जा सकता है: यदि किसी संयुक्त विषय में दो धारणाएँ हैं जिनमें से एक कोई पदार्थ या वस्तु है तथा दूसरी कोई तकनीक, क्रिया या प्रक्रिया है। तो पदार्थ या वस्तु के अंतर्गत देखना उचित होगा। क्योंकि सामान्यत: दशमलव की अनुसूचियों में किसी विद्याशाखा से संबंधित सामान्य पक्ष जैसे क्रिया, प्रक्रिया या तकनीक पहले एक साथ दिए जाते हैं। उसके पश्चात वह पदार्थ या वस्तुएं दी जाती हैं जिनके साथ यह सामान्य पक्ष एकल या सामूहिक योजक निर्देशों की मदद से जोड़े जा सकते हैं। अत: शीर्षक 'गेहूं की बीमारियां' को वर्गीकृत करने के लिए गेहूं शब्द के अंतर्गत देखना उचित होगा जिसमें 'बीमारियां' पक्ष को जोड़ने के लिए निर्देश मिल जाते हैं।
। यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि यदि कोई विशिष्ट तकनीक या प्रक्रिया…

7. प्रति निर्देश (Cross references)

7. प्रति निर्देश (Cross references) अत: सारणी की किसी भी प्रविष्टि में निम्नांकित व्यवस्थित चार भाग होते : धारणा सारणी का संक्षिप्त नाम, ईश, प्रयुक्त अंक। उदाहरण -
Indic peopler.e.n.---914
इस प्रविष्टि में r.e.n. सारणी 5 Racial, Ethnic, National Groups का संक्षिप्त नाम है । तथा 914 इस सारणी में भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए प्रयुक्त अंक है।
विभिन्न सारणियों के लिए प्रयुक्त संक्षिप्त रूप निम्नलिखित हैं : सारणी संख्या सारणी का नाम
संक्षिप्त रूप Standard Subdivisions (मानक उपविभाजन) S.S. Areas (क्षेत्र)
area Subdivisions of Individuals Litaures (साहित्य विशेष के उपविभाजन)
lit. sub. Subdivisions of Individuals Languages (भाषा विशेष के उपविभाजन)
lang. sub. Racial, Ethnic, National Groups (जातीय, वंशानुगत, राष्ट्रजन समूह)
r.e.n, Languages (भाषाएँ)lang. 7. Persons (व्यक्ति) pers.
सम्पूर्ण सापेक्ष अनुक्रमणिका में प्रतिनिर्देशों का अधिक प्रयोग किया गया है। अधिकतर विषयों के अंतर्गत प्रतिनिर्देशात्मक प्रविष्टियां एक आवश्यक भाग के रूप में उपस्थित हैं । इतनी अधिक संख्या में प्रतिनिर्देशों का प्र…

3. सापेक्ष अनुक्रमणिका का विस्तार

3. सापेक्ष अनुक्रमणिका का विस्तार सापेक्ष अनुक्रमणिका उपर्युक्त सभी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हुए, दशमलव पद्धति के प्रयोग को अत्यन्त सरल बना देती है। इसमें विभिन्न विषयों को वर्णानुक्रम में व्यवस्थित किया गया है। साथ ही प्रत्येक विषय के विभिन्न पक्षों को उनके आपसी संबंधों को दर्शाते हुए एक साथ दिया गया है। इससे अनुक्रमणिका का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।
सापेक्ष अनुक्रमणिका में कुल 80,000 से अधिक प्रविष्टियों का प्रावधान किया गया है। ये प्रविष्टियां अनुसूचियों तथा सारणियों में सम्मिलित रूप से परिगणित 29,528 प्रविष्टियों के संदर्भ में अधिक हैं।
अनुक्रमणिका में निम्नलिखित शब्दों को वर्णानुक्रम की एक श्रेणी में दिया गया है: i) अनुसूचियों में वर्णित समस्त महत्वपूर्ण शब्द या धारणाएं i) सातों सहायक सारणियों में वर्णित धारणाएं ii) प्रविष्टियों के अन्तर्गत दिए गए समस्त उदाहरण iv) योजक निर्देशों द्वारा बनने वाली कुछ संयुक्त धारणाएं v) पर्यायवाची शब्द तथ सम्बन्धित धारणाओं के संदर्भ में प्रतिनिर्देश vi) इनके अतिरिक्त, निम्नलिखित शब्दों को अनुक्रमणिका में सम्मिलित नहीं किया गया
i) अनुसूचिय…

Industrial psychology (औद्योगिक मनोविज्ञान)

Industrial psychology (औद्योगिक मनोविज्ञान) तृतीय चरण में, तृतीय सारांश का प्रयोग किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक प्रभाग को पुन: दस अनुभागों में विभक्त किया गया है । तृतीय सारांश में 320 के दस अनुभागों में से ।
324 The political process सर्वथा उचित अनुभाग प्रतीत होता है, क्योंकि चुनाव राजनीतिक प्रक्रिया का ही एक अंग है। अत: तृतीय सारांश से अनुभाग 324 निर्धारित किया जा सकता है।
वर्गीकरण के चरणों में अनुसूची का प्रयोग किया जाएगा। 4.22 अनुसूची का प्रयोग
इसी अध्याय में पहले बताया जा चुका है कि दवितीय खण्ड में वर्णित अनुसूचियां दस मुख्य वर्गों के पदानुक्रम में संपूर्ण विस्तार को दर्शाती हैं।
अनुसूची का प्रयोग विशिष्ट अनुभाग के आरंभिक स्थान से किया जा सकता है, जहां सामान्यत: उपअनुभागों का एक और सारांश मिल जाता है। उपर्युक्त उदाहरण में अनुभाग 324 के आरंभ (पृ. 223) में उप अनुभागों की एक सारणी दी गई है। इसके अंतर्गत वर्गीक 173
324.6 Elections दिया गया है।
Dewey Decimal Classification (दशमलव वर्गीकरण पद्धति)  अब वर्गीक 324.6 के विभिन्न उपविभाजनों के अंतर्गत वर्गीक 324.63 Electroal systems मिल जाता…

प्रत्यक्ष विधि से वर्गीकरण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम तीनों सारांशों का प्रयोग

प्रत्यक्ष विधि से वर्गीकरण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम तीनों सारांशों का प्रयोग इस प्रकार, दूरसंचार के लिए प्रयुक्त एक वर्गीक 384 होगा। 2.23 बिन्दु एवं रिक्त स्थान | डी डी सी पद्धति में प्रयुक्त समस्त संख्यांक दशमलव अंश की तरह माने जाते हैं। किन्तु अंकन की सरलता के दृष्टिकोण से होने वाला दशमलव बिन्दु वर्गीक के प्रथम अंक के पूर्व नहीं लगाया जाता है। इस पद्धति में कोई भी वर्गीक कम से कम तीन अंकों का होता है। मुख्य वर्ग तथा उनके प्रभागों के संदर्भ में (जिनमें क्रमशः एक तथा दो प्रभावी अंक प्रयुक्त होते हैं) इन अंकों के बाद शून्य जोड़कर न्यूनतम तीन अंकों की आवश्यकता को पूरा किया जाता है। अत: मुख्य वर्ग 'सामाजिक विज्ञान' का वर्गीक 300 होगा न कि 3, इसी प्रकार 'अर्थशास्त्र' का वर्गीक भी 330 ही हो जाता है। तीसरे तथा चौथे अंकों के मध्य एक बिन्दु (.) लगा दिया जाता है। यह बिन्दु दशमलव बिन्दु नहीं है अपितु एक विराम है जिसका प्रयोग मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से अधिक संख्याओं की एकरसता को तोड़ने के लिए किया जाता है। इसका अन्य कोई उपयोग अथवा उद्देश्य नहीं है।
यदि कोई वर्गीक छ: से अधिक अंको…

एक अर्थशास्त्री की जीवनी 923.3 (वैकल्पिक वर्गीक)

एक अर्थशास्त्री की जीवनी 923.3 (वैकल्पिक वर्गीक) रिक्त अनुभागों को भी दीर्घ कोष्ठक में दिया गया है। तथा यह तथ्य शीर्षक के स्थान पर दीर्घ कोष्ठक में दी गई टिप्पणी द्वारा स्पष्ट कर दिया है। यदि पूर्व में इस अनुभाग का प्रयोग कभी गया हो तो उस नवीनतम संस्करणको एक अन्य टिप्पणी दवारा दर्शाया गया है। [005] [Never assigned] [006] [Unassigned]
| Most recently used in Eidition 16
ड्यूई दशमलव के 19 वें संस्करण में दीर्घकोष्ठक का प्रयोग एक अन्य उद्देश्य के लिए भी किया गया है। प्रभाग 920 तथा कुछ अन्य स्थानों पर वैकल्पिक वर्गीक भी दीर्घकोष्ठक के अन्दर दिए गए हैं। पिछले संस्करण में 'जीवनी -साहित्य' वर्गीक 920-928 के अन्तर्गत वर्गीकृत किया जाता था। किन्तु 19 वें संस्करण में विभिन्न विषय-विशेषज्ञों की जीवनी उनके विषय के अन्तर्गत वर्गीकृत की जाती है। तथा केवल विविध विषयों से सम्बन्धित व्यक्तियों की जीवनी को प्रभाग 920 के अन्तर्गत वर्गीकृत करने का प्रावधान है। विषय विशेषज्ञों की जीवनी के वर्गीकरण हेतु उनके विषय के वर्गीक के साथ मानक उपविभाजन (सारणी -1) से - 092 जोड़ दिया जाता है।
इन नवीन प्रावधान…

(1) Haryanvi cow = KX 311H (यहां H= Haryanvi)

(1) Haryanvi cow = KX 311H (यहां H= Haryanvi) यहां 3 = Food, 1= Secretion, 1= क्रम निर्धारक अंक वंश व जाति के लिये। अर्थात गाय मानव आहार के लिये उपयोगी है, इसका Secretion (दूध) आहार के लिये उपयोग में लाया जाता है तथा इसको प्रथम स्थान देने के लिये अंक 1 जोड़ दिया गया है। (2) Fish = KX 332
यहां 3 = Food, 3= Flesh, 2= क्रम निर्धारक अंक। (3) Horse = KX442
यहां 4 = Traction (कर्षण), 4 = Whole animal, 2 = क्रम निर्धारक अंक।
इस प्रकार मुख्य वर्ग [BC] + उपयोगिता अंक (Utility number) + भाग अंक (Part number) + क्रम निर्धारक अंक (Genus/Species) = पूर्ण पशु/जन्तु (Whole animal); विशिष्ट नस्ल के पशु को व्यक्त करने के लिये वर्णक्रम विधि [AD] से नस्ल के नाम का पहला अक्षर जोड़ा जाता है- जैसे
[P2] पक्ष का उल्लेख केवल भाग 1 (नियम) में किया गया है। वस्तुतः इस मुख्य वर्ग के पक्ष संबंधी नियम लगभग J=Agriculture के समान हैं । (देखिये पृष्ठ 1.87) अत: आवश्यकता पड़ने पर किसी पशु के अवयव/अंग की एकल संख्या L= Medicine के [P] पक्ष से प्राप्त की जा सकती है। जैसे,
1. Eye of a dog = KX 541, 185 (यहां 185 = Eyes) 2. …